दक्षिण दिशा (South-facing) घर को वास्तु शास्त्र में थोड़ा सावधानी के साथ डिजाइन करना जरूरी माना जाता है। सही प्लानिंग हो तो ऐसा घर भी सुख-समृद्धि और स्थिरता देता है।
🚪 1. मुख्य द्वार (Main Entrance)
दक्षिण दिशा में दरवाजा बीच में न रखें
सबसे अच्छा स्थान: दक्षिण-पूर्व (South-East)
दरवाजा मजबूत और ऊँचा होना चाहिए
🛋️ 2. लिविंग रूम (बैठक कक्ष)
दक्षिण-पूर्व या उत्तर दिशा में रखना अच्छा रहता है
मेहमानों के लिए उत्तर या पूर्व दिशा बेहतर
🍳 3. रसोई (Kitchen)
दक्षिण-पूर्व (South-East) सबसे शुभ
खाना बनाते समय मुख पूर्व की ओर हो
🛏️ 4. बेडरूम (Bedroom)
मास्टर बेडरूम: दक्षिण-पश्चिम (South-West)
बच्चों का कमरा: उत्तर या पूर्व
🚿 5. बाथरूम और टॉयलेट
पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा ठीक रहती है
दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पूर्व में न बनाएं
🛕 6. पूजा कक्ष (Pooja Room)
उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) सबसे शुभ
पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर की ओर रखें
💧 7. पानी का स्रोत (Water Tank / Borewell)
भूमिगत पानी: उत्तर-पूर्व
ओवरहेड टैंक: दक्षिण-पश्चिम
📦 8. सीढ़ियाँ (Stairs)
दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम में रखें
घर के बीच या उत्तर-पूर्व में सीढ़ियाँ न हों
🌳 9. खुला स्थान (Open Space)
उत्तर और पूर्व दिशा ज्यादा खुली रखें
दक्षिण और पश्चिम में भारी निर्माण रखें
⚠️ खास ध्यान रखने वाली बातें
दक्षिण दिशा को बहुत ज्यादा खुला न छोड़ें
दीवारें ऊँची और मजबूत रखें
मुख्य द्वार के सामने सीधे रास्ता (T-point) न हो
घर में रोशनी और वेंटिलेशन अच्छा रखें
